भीड़

रास्ते में चलती हुई भीड़ को कभी देखा है ?
पहली नज़र में , बद्दिमाग सी नज़र आने वाली,
 हर दिशा में जाती हुई भीड़ |  
लेकिन अपनी भाग दौड़ से दो पल की फ़ुरसत निकाल के कभी इस भीड़ को देखो,  
इस भीड़ में काफी कुछ नज़र आएगा |
पहले शायद नज़र आएं कुछ लोग | 
आम लोग, वो लोग जिनकी शायद कभी जीवनी ना लिखी जाए | 


बाज़ार  में रोज़ कुछ खरीदने बेचने वाले लोग, 
रेड लाइट पर सिग्नल तोड़ने वाले लोग | 
घर से छिपाकर सिगरेट या शराब पीने वाले लोग,
घर और पड़ोसियों से छिपकर अपने प्रियतम से मिलने वाले लोग | 
रिख्शा वाले से दस रूपए को लेकर बेहेस करने वाले लोग, 
मेरे और तुम्हारे जैसे लोग , साधारण लोग | 


और गौर से देखोगे तो तुम्हें दिखेंगी इन्हीं लोगों से जुड़ी हज़ारों कहानियाँ | 
नौ जवानों के आसमान छूने की जोश भरी चाहत की कहानियाँ ,
अधेड़ उम्र में ज़िन्दगी  ऊब जाने की कहानियाँ ,
और बुज़ुर्गों के बचपने की कहानियाँ | 


कहीं अपनों के गुज़र जानें की कहानियाँ ,
कहीं नयी ज़िंदगी के आरम्भ होने की कहानियाँ | 


अपने यार से एक अरसे बाद मिलने की कहानियाँ,
या लम्बे विरह के शुरू होने की कहानियाँ| 


इन कहानियों में कोई महानता नहीं है ,
यह किसी  के लिए मिसाल नहीं हैं ,
पर ये सभी हमारी ही कहानियाँ हैं | 
इन सबमे कुछ भावनाएं हैं, कुछ खूबसूरती है | 
वो भावनाएं और वो खूबसूरती जो हमारे आसपास होते हुए भी ,
रोज़मर्रा की भागदौड़ में हम ही से कहीं खो  जाती है | 


तो इस भागदौड़ से थोड़ी फ़ुरसत निकालो, और इस भीड़ को देखो ,
इस खूबसूरती को इन भावनाओं को थोड़ा महसूस करने की कोशिश करो | 


  

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